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द ख़बरी बिजनेस डेस्क।
शुक्रवार को निफ्टी 50 ने 15 सितंबर के 23,118.60 के निचले स्तर को बचाए रखा और 23,140.50 पर बंद हुआ। मीडियम और लॉन्ग टर्म चार्ट पर कमजोरी बनी हुई है, लेकिन रिवर्सल के संकेत भी नजर आ रहे हैं। डेली टाइमफ्रेम पर इंडेक्स का स्ट्रक्चर अभी साइडवेज है। निफ्टी अपने 50-DMA और 200-DMA से काफी नीचे है, जिससे इन मूविंग एवरेज की ओर पुलबैक की संभावना बढ़ गई है। 29 सितंबर को 23,375 के ऊपर क्लोजिंग मिलने पर टेक्निकल सेटअप बेहतर होगा। वहीं, सप्ताह का क्लोज 23,606 या उससे ऊपर रहने पर बाजार को और मजबूती मिल सकती है और बुल्स फिर से हावी हो सकते हैं।
रिवर्सल की संभावना को सपोर्ट करने वाला एक और फैक्टर वैल्यूएशन है। निफ्टी 50 का PE मार्च 2025, अप्रैल 2026 और 24 सितंबर 2026 में करीब 19.5 रहा था। पहले भी इस वैल्यूएशन जोन के आसपास बाजार में रिवर्सल देखने को मिला है। हालांकि, डाउनसाइड का जोखिम अभी बना हुआ है। 28 सितंबर को 23,020 के नीचे क्लोजिंग होने पर निफ्टी 22,822 और उसके बाद 22,183 तक जा सकता है।
रियल्टी, मेटल और FMCG में दिख रही मजबूती
सेक्टोरल इंडेक्स में फिलहाल निफ्टी रियल्टी सबसे मजबूत नजर आ रहा है और यह पिछले सप्ताह के स्तर से ऊपर बंद हुआ। निफ्टी मेटल और FMCG भी टेक्निकली मजबूत बने हुए हैं। निफ्टी फार्मा में अगले दो-तीन कारोबारी सत्रों में कंसोलिडेशन या कुछ करेक्शन देखने को मिल सकता है। व्यापक बाजार में स्थिरता आने पर पावर और एनर्जी शेयर सरप्राइज परफॉर्मर बन सकते हैं। हालांकि, निफ्टी बैंक कमजोर बना हुआ है और इसके मीडियम टर्म चार्ट पर ब्रेकडाउन के संकेत दिखाई दे रहे हैं।
बॉन्ड यील्ड अभी भी चिंता का कारण
अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी बड़े निवेशकों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। लॉन्ग टर्म यील्ड में बढ़ोतरी इकोनॉमी और ब्याज दरों के आउटलुक को लेकर बढ़ी अनिश्चितता का संकेत देती है। ऐसे माहौल में इमर्जिंग मार्केट्स की इक्विटी में निवेश प्रवाह कम हो सकता है और बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है।
कमोडिटी में क्रूड ऑयल में टॉप आउट होने के संकेत मिल रहे हैं। MCX क्रूड 10,238 तक पहुंचने के बाद शुक्रवार को गिरकर 8,848 पर आ गया। इसमें 8,658 तक गिरावट संभव है। ग्लोबल अनिश्चितता कम होने पर क्रूड 8,285 तक भी आ सकता है। क्रूड की कीमतों में गिरावट भारतीय शेयर बाजार के लिए सकारात्मक ट्रिगर होगी।
सोना कमजोर बना हुआ है और अपने 200-DMA के नीचे कारोबार कर रहा है। चांदी ने 50-DMA का स्तर बचाया है, लेकिन इसमें अभी भी बियरिश क्रॉसओवर बना हुआ है। मौजूदा करीब ₹2.35 लाख के स्तर से ₹2.25 लाख के नीचे ब्रेक मिलने पर चांदी ₹2.03 लाख तक जा सकती है।
*डिस्क्लेमर: लेखक सेबी रजिस्टर्ड एनालिस्ट नहीं हैं और न ही शेयर या वित्तीय बाजारों के विश्लेषण के लिए योग्य प्रोफेशनल/विशेषज्ञ हैं। यह विश्लेषण तकनीकी और बाजार संबंधी अवलोकनों पर आधारित है तथा केवल सूचनात्मक और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। इसे निवेश सलाह, किसी सिक्योरिटी को खरीदने, बेचने या होल्ड करने की सिफारिश अथवा भविष्य के बाजार प्रदर्शन की गारंटी न माना जाए। निवेशकों को अपने रिसर्च और जोखिम क्षमता के आधार पर निवेश संबंधी निर्णय लेना चाहिए।