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द ख़बरीl बिजनेस डेस्क
पिछले सप्ताह के नीचे के स्तर 23,020 और 22,822 टूट गए। इसके बाद निफ्टी 50 अगले लक्ष्य 22,183 के करीब पहुँचा और शुक्रवार को 22,217 का निचला स्तर बनाया। उस निचले स्तर से यह लगभग 205 अंक उछला, और 22,182 का प्रमुख सपोर्ट टिका रहा।
5 अक्टूबर की शुरुआत बेहद अहम होगी। यदि सूचकांक 22,400 से नीचे खुलता है और दो घंटे तक वहीं बना रहता है, या और नीचे टूटता है, तो यह 21,743 और फिर 21,281 तक गिर सकता है। 21,281 का स्तर इसलिए मायने रखता है क्योंकि यह सितंबर 2024 से शुरू हुए RSI डायवर्जेंस को निष्प्रभावी कर देगा।
रिवर्सल के लिए निफ्टी को पहले कारोबार के शुरुआती दो घंटों में 22,575 के ऊपर टिकना होगा। इसके बाद 22,611 के ऊपर बंद होना होगा। 6 अक्टूबर को गैप-अप नहीं होना चाहिए और सूचकांक को 5 अक्टूबर के उच्च स्तर के ऊपर बंद होना चाहिए। 22,945 के ऊपर साप्ताहिक क्लोज़ बुल्स को फिर से नियंत्रण में ला देगा।
ऑटो और मेटल कमज़ोर पड़े
निफ्टी ऑटो बाज़ार का ध्वजवाहक रहा है। मार्च 2022 से सितंबर 2024 तक और फिर मार्च 2025 से अगस्त 2026 तक इसमें तेज़ उछाल आया। अब मासिक चार्ट पर इसमें डायवर्जेंस दिख रहा है और इसमें लगभग 3,000 अंक का करेक्शन आ सकता है। व्यापक बाज़ार के लिए यह अच्छा संकेत नहीं है।
तीन महीने का निचला स्तर टूटने के बाद मेटल साइकिल भी थका हुआ दिखता है। खुदरा निवेशकों के पसंदीदा स्मॉलकैप 250 और मिडकैप 150 भी कमज़ोर नज़र आ रहे हैं। निफ्टी फार्मा अपने शिखर के पास कारोबार कर रहा है और गति खो रहा है; इसमें लगभग 400 अंक का करेक्शन आ सकता है। 100% अमेरिकी टैरिफ के बावजूद इस सेक्टर के फंडामेंटल्स मज़बूत बने हुए हैं। निफ्टी PSU बैंक, निफ्टी एनर्जी (पावर) और IT बाज़ार को सहारा दे सकते हैं। PSE शेयर भी ओवरसोल्ड स्तरों से वापसी कर सकते हैं। निफ्टी बैंक कमज़ोर बना हुआ है। इसके मध्यम अवधि के चार्ट ने पिछले सप्ताह ब्रेकडाउन के संकेत दिए।
अमेरिकी बॉन्ड यील्ड 19 साल के उच्च स्तर के पास
बॉन्ड यील्ड बढ़ने का मतलब सिर्फ़ यह नहीं कि पैसा इक्विटी से सुरक्षित निवेश की ओर जा रहा है। यह वैश्विक आर्थिक वृद्धि को लेकर संदेह को भी दर्शाता है। अमेरिकी 10-वर्षीय यील्ड जून 2007 में 5.289% पर थी और अब 5.275% के ब्रेकआउट के बेहद करीब है। यह इक्विटी से बाहर निकलने का संकेत नहीं है, लेकिन सावधानी बरतने की ज़रूरत है। MCX क्रूड 10,238 से फिसला, फिर भी 50% फिबोनाची स्तर 8,658 पर अच्छा बेस बनाकर मज़बूत दिख रहा है। सोना और चाँदी कमज़ोर दिख रहे हैं।
वैल्यूएशन ही उम्मीद की किरण
निफ्टी 50 का PE जून 2022 में 19 था और अब 19.2 है। यह सकारात्मक संकेत है, क्योंकि फंड वैल्यूएशन के आधार पर भी निवेश करते हैं। फिर भी बाज़ार में रिवर्सल के लिए अभी कोई ट्रिगर नहीं है।
स्मार्ट मनी और विदेशी फंड्स डेरिवेटिव्स के जरिए ला रहे वोलैटिलिटी
जनवरी से 1 अक्टूबर 2026 के बीच FII और DII की सहभागिता देखें तो भारतीय इक्विटी में ₹1.57 लाख करोड़ का शुद्ध निवेश हुआ है। इसके बावजूद निफ्टी 26,373 से गिरकर 22,422 पर आ गया।
इसका मुख्य कारण डेरिवेटिव में FII की गतिविधि है। इस अवधि में FII ने ₹6.04 लाख करोड़ मूल्य के इंडेक्स और स्टॉक फ्यूचर्स व ऑप्शंस में कारोबार किया। यह कैश मार्केट में उनकी शुद्ध बिकवाली का लगभग 2.5 गुना है। जनवरी से बाज़ार कमज़ोर है, लेकिन F&O-संचालित उतार-चढ़ाव ने खुदरा निवेशकों को गिरावट पर खरीदारी करते रखा।
अप्रैल 2026 से 1 अक्टूबर 2026 तक। ₹ करोड़ में निरपेक्ष शुद्ध मूल्य। (कैश मार्केट में नेट: ₹2,41,935 करोड़ की बिकवाली की है। F&O कुल: ₹6,04,226 करोड़; F&O लगभग 2.5 गुना।)
डिस्क्लेमर: लेखक न तो सेबी-पंजीकृत विश्लेषक है और न ही शेयर या वित्तीय बाज़ारों का विश्लेषण करने के लिए योग्य पेशेवर या विशेषज्ञ। यह विश्लेषण तकनीकी और बाज़ार संबंधी अवलोकनों पर आधारित है और केवल सूचना एवं शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह निवेश सलाह, किसी प्रतिभूति को खरीदने, बेचने या रखने की सिफ़ारिश, या भविष्य में बाज़ार के प्रदर्शन की गारंटी नहीं है। निवेशकों को अपने स्वयं के शोध और जोखिम आकलन के आधार पर निर्णय लेना चाहिए।